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शनिवासरी {आषाढ़} अमावस्या 2021

ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः...शनिवार को आने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं,इस दिन शनि से पीड़ित व्यक्तियों के लिए दान का महत्व बढ़ जाता है,शनि से प्रभावित व्यक्ति कई प्रकार के अनावश्यक परेशानियों से घिरे हुए रहते हैं,कार्य में बाधा का होना, कोई भी कार्य आसानी से न बनना जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है.!

10 जुलाई 2021, शनिवार को आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है.इस अमावस्या की तिथि को शनिश्चरी अमावस्या भी कहते हैं.शनिवार के दिन जब अमावस्या की तिथि पड़ती है तो इसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है. शनि देव की पूजा करने के लिए शनिश्चरी अमावस्या को विशेष फलदायी माना गया है. मान्यता है कि इस दिन पूजा और दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या की अशुभता कम होती है.इसके साथ ही जिन लोगों को जन्म कुंडली में शनि की दशा और अंर्तदशा आदि चल रही है और अशुभ फल प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें भी इस दिन पूजा करने से लाभ प्राप्त होता है.!

-:'शनिश्चरी अमावस्या मुहूर्त':-
10 जुलाई को अमावस्या की तिथि सूर्योदय के कुछ देर बाद ही समाप्त हो जाएगी.इसलिए इससे पूर्व ही शनि देव की पूजा कर सकते हैं.अमावस्या की तिथि का आरंभ शुक्रवा 09 जुलाई 2021 को प्रात: 05 बजकर 15 मिनट से होगा था तथा समापन: 10 जुलाई 2021 को प्रात: 06 बजकर 46 मिनट पर होगा..!

शनि जाते हुए अच्छा लगता है ना कि आते हुए,शनि जिनकी पत्रिका में जन्म के समय मंगल की राशि वृश्चिक में हो या फिर नीच मंगल की राशि मेष में हो तब शनि का कुप्रभाव अधिक देखने को मिलता है,बाकि की राशियां सिर्फ सूर्य की राशि सिंह को छोड़ शनि की मित्र,उच्च व सम होती है.!

शनि-शुक्र की राशि तुला में उच्च का होता है,शनि का फल स्थान भेद से अलग-अलग शुभ ही पड़ता है,सम में ना तो अच्छा ना ही बुरा फल देता है,मित्र की राशि में शनि मित्रवत प्रभाव देता है,शत्रु राशि में शनि का प्रभाव भी शत्रुवत ही रहता है,जो सूर्य की राशि सिंह में होता है.!

1. शनि के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए तिल का तेल एक कटोरी में लेकर उसमें अपना मुंह देखकर शनि मंदिर में रख आएं (जिस कटोरी में तेल हो उसे भी घर ना लाएं),कहते हैं तिल के तेल से शनि विशेष प्रसन्न रहते हैं.!

2. 400 ग्राम साबुत काले उड़द लेकर काले कपड़े में बांध कर शुक्रवार को अपने पास रखकर सोएं,ध्यान रहे अपने पास किसी को भी ना सुलाएं,फिर उसको शनिवार को शनि मंदिर के समीप मांगने वाले को दे दें .!

3. काला सुरमा एक शीशी में लेकर अपने ऊपर से शनिवार को 08 बार सिर से वार कर सुनसान जमीन में गाड़ देवें.!

4.अगर जन्मपत्रिका में शनि दोष के कारण आपके कार्यों में अड़चनें आ रही हैं, तो आज घर पर शमी, जिसे खेजड़ी भी कहते हैं का पेड़ लाकर गमले में लगाइए और उसके चारों तरफ गमले में काले तिल डाल दीजिये और उसके आगे सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि देव के इस मंत्र का 11 बार जप करें,मंत्र है – ऊँ शं यो देवि रमिष्ट्य आपो भवन्तु पीतये, शं योरभि स्तवन्तु नः.!

5.अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आपके साथ सब अच्छा ही अच्छा हो तो आज गेहूं के आटे की रोटी बनाकर उस पर गुड़ का एक छोटा-सा टुकड़ा रखकर गाय को खिलाएं,साथ ही गाय को छूकर उसका आशीर्वाद भी लें.!

6.अगर आप शनि की साढे-साती या ढैय्या की चाल से परेशान हैं, तो आज आपको शनि स्रोत का पाठ करना चाहिए,साथ ही सिद्ध किया हुआ शनि यंत्र धारण करना चाहिए,आज शनिश्चरी अमावस्या का दिन शनि यंत्र धारण करने के लिये बड़ा ही श्रेष्ठ है.!

6.अगर आपकी पत्रिका में पितृ दोष बना हुआ है, जिसके कारण आपके परिवार की खुशहाली कहीं खो गई है, तो आज आपको दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध कार्य करना चाहिए,साथ ही पीपल की जड़ में पानी डालकर सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए.!

7.अगर आपके प्रेम-विवाह में किसी प्रकार की अड़चने आ रही हैं तो उन अड़चनों से पीछा छुड़ाने के लिये आज आपको पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए,साथ ही शनिदेव के इस मंत्र का जाप करना चाहिए,मंत्र इस प्रकार है- शं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः.!

8.अगर आप परीक्षा में अपने परिणाम को लेकर चिंतित हैं,काफी मेहनत के बाद भी रिजल्ट को लेकर आपको एक पॉजिटिव फीलिंग नहीं आ रही है,तो आज आपको एक विद्या यंत्र लेकर उसकी विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए और पूजा करने के बाद उसे अपने पढ़ाई वाले कमरे में रखना चाहिए.!

9.अगर अच्छा खासा कमाने के बाद भी आपके पास कोई खास बचत नहीं हो पाती है और पैसों के मामले में आपके हाथ तंग बने रहते हैं तो आज आप शनि मन्दिर में जाकर उनके इस मंत्र का 21 बार जप करें,मंत्र इस प्रकार है- शं ऊँ शं नमः.!

11.अगर आप अपने पितरों की आत्मा को संतुष्टि दिलाना चाहते हैं और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन में खुशहाली भरना चाहते हैं, तो आज आपको सुबह स्नान के बाद दूध-चावल की खीर बनानी चाहिए और एक गोबर के उपले की कोर बनाकर उस पर पितरों के निमित्त दूध-चावल की खीर से आहुति देनी चाहिए और उसके बायीं तरफ पानी छोड़ना चाहिए.!

12.शनि देव न्यायप्रिय राजा हैं। अगर आप बुरे काम नहीं करते हैं किसी से धोखा, छल-कपट आदि नहीं करते हैं तो इस ग्रह से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि शनिदेव सज्जनों को तंग नहीं करते.!

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